Don’t be like Nikola Kalinic | कैसे बन गया एक फुटबॉलर लोगों के उपहास का पात्र !!!

Don't be like Nikola Kalinic | कैसे बन गया एक फुटबॉलर लोगों के उपहास का पात्र !!! "Don't be like Nikola Kalinic" ये hashtag आजकल internet पर खूब चल रहा है। Croatia football team के supporters इस hashtag के साथ आपको ये सलाह दे रहे हैं कि "Don't be like Nikola Kalinic" मतलब "Nikola Kalinic की तरह ना बनें।" हिंदी पाठक भी जरूर इस बात को जानना चाहेंगे कि ये Nikola Kalinic है कौन ? और क्यों Croatia football team के supporters उसकी तरह नहीं बनने की सलाह दे रहे हैं? चलिए तो हम आपको इस गुस्से और अहम् की सच्ची कहानी का पूरा ब्यौरा दे दते … [Read more...]

तेनालीराम की कहानियां – कौवों की गिनती | Tenali & Crow Story

तेनालीराम की कहानियां - कौवों की गिनती | Tenali & Crow Story तेनालीराम की कहानियां, तेनालीराम के रोचक किस्सों में से आज पढ़िए - जब राजा ने तेनाली से पूछा कि हमारे शहर में कितने कोवे हैं? तो तेनाली ने कैसे अपनी समझदारी से सबका मुँह बंद किया, जानने के लिए पढ़िए पूरी कहानी: तेनालीराम को परेशान करने के लिए महाराजा कृष्णदेव कभी-कभी उटपटांग से सवाल भी पूछ लिया करते थे। लेकिन ऐसे सवालों के भी तेनालीराम ऐसे जवाब देते कि महाराज को चुप रह जाना पड़ता था। ऐसे ही एक दिन महाराज ने तेनाली को परेशान करने के लिए पूछा, "तेनालीराम! तुम्हारे पास तो हर सवाल … [Read more...]

Short Hindi Moral Stories – संत ज्ञानेश्वर की शिक्षाप्रद कहानियाँ

Short Hindi Stories with Moral values - संत ज्ञानेश्वर की शिक्षाप्रद कहानियाँ आज हम आपके लिए लेकर आये हैं 2 Short Hindi Stories with Moral values - संत ज्ञानेश्वर की शिक्षाप्रद कहानियाँ। संत ज्ञानेश्वर की कहानियों से हमें अपने जीवन के लिए बहुत सारी moral values मिलती हैं। और इन moral values को अपने जीवन में अपनाकर हम भी सुखी और सफल जीवन जी सकते हैं। Short Hindi Stories with Moral values - हिंदी कहानी परमात्मा के अनुदान एक गांव में संत ज्ञानेश्वर का कथावाचन चल रहा था। अपनी कथा में संत ज्ञानेश्वर समझा रहे थे कि ईश्वर ज्ञान, विवेक, शक्ति और … [Read more...]

Good Manners story | हिंदी कहानी अच्छा व्यवहार (संत तुकाराम)

Good Manners story | हिंदी कहानी अच्छा व्यवहार Good Manners story of Saint Tukaram - एक बार संत तुकाराम अपने आश्रम में बैठे हुए थे। उनका एक शिष्य जो थोड़ा क्रोधी स्वभाव का था, उनके पास आया और बोला, " गुरुजी आप कैसे अपना व्यवहार इतना मधुर बनाए रखते हैं? ना तो आप किसी पर कभी क्रोध करते हैं, ना ही कभी किसी को कुछ भला बुरा कहते हैं। कृपया अपने इस अच्छे व्यवहार का रहस्य मुझे भी बताएं। उसकी बात सुनकर संत तुकाराम बोले, "मुझे अपने रहस्य के बारे में तो नहीं पता पर मैं तुम्हारा एक रहस्य जानता हूं।" शिष्य ने आश्चर्य से पूछा, "मेरा रहस्य! वह क्या है … [Read more...]