How to reduce tension | चिंता छोड़ने का एक technical तरीका :

How to reduce Tension | Stress reducing tips:

दोस्तों मैंने अपनी पिछली कुछ posts में आपको बताया है कि चिंता को अपने जीवन से दूर रखना बहुत जरूरी है। यहाँ मैं आपको एक technical तरीका बताने जा रहा हूँ जिसको सही तरह से use करके आप अपनी चिंताओं को खुद से दूर कर सकते हैं। ये actually stress management का एक बेहतर तरीका है।

जब किसी machine पर कोई समस्या हमें बार-बार परेशान करती है तब हम इस technical तरीके को use करके उस समस्या का हल ढूंढते हैं। पर इस तरीके को हम अपने जीवन में भी उसी तरह इस्तमाल कर सकते हैं जैसे machines पर। इस तरीके को use करने से पहले आप अपने दिमाग में एक बात बैठा लें कि यह तरीका बहुत आसान है और इसे use करके आप बहुत आसानी से अपनी परेशानियों से मुक्त हो सकते है। जब आप अपने दिमाग को ये समझायेंगे की यह एक आसान तरीका है तो वो इस तरीके को आसानी से समझने और अपनाने में आपकी मदद करेगा। हमारा दिमाग आसान चीजों को बहुत ही आसानी से अपना लेता है। इसीलिए मैं कह रहा हूँ ये तरीका भी बहुत आसान है। और जब आप इसे पढेंगे तो आप भी यही कहेंगे अरे यार ये तो वाकई में बहुत आसान तरीका है और इस आसान तरीके को मैं अभी और इसी वक़्त से आजमा सकता हूँ।

WHY WHY ANALYSIS in Hindi for finding root cause:

इस आसान तरीके का नाम है WHY WHY ANALYSIS, जिसे हम किसी भी समस्या का root cause जानने के लिए use करते हैं। Root cause मतलब, समस्या की जड़ क्या है? जब हम समस्या की जड़ को जान जायेंगे और उसे ही खत्म कर देंगे तो समस्या अपने आप ही खत्म हो जाएगी। अब समझते हैं कि इस आसान से analysis में हमें करना क्या है ?

सबसे पहले एक copy और pen लें और फिर इसके अलग-अलग page पर अपनी चिंताओं को लिख लीजिये। 5-10-15-20 जितनी भी चिंताएं हैं, सब को लिख लीजिये। याद रहें, problems की list नहीं बनानी है बल्कि एक page पर सिर्फ एक problem ही लिखनी है। किसी sequence को follow करने की जरूरत नहीं, जो सबसे पहले दिमाग में आये, उसे पहले लिख लें। आखिर ये एक आसान तरीका है तो इसके नियम भी आसान होने चाहिए ना !!!!!! चलिए अब सबसे पहले page पर आ जाइये जहाँ आपने अपनी पहली समस्या लिखी है।

अब अपने आप से पूछिए WHY? यह चिंता मुझे क्यों है? मतलब उसके पीछे का कारण जानने की कोशिश करें। आपको जो भी 2-3 कारण लगते हैं इन्हें समस्या के नीचे ही लिख लीजिये। मान लीजिये आपको 3 कारण मिले, इनको analyse करें। हो सकता है इनमे से एक root cause हो और बाकी 2 समस्या। Root cause को यही छोड़ दीजिये, 2 समस्याओं के लिए फिर से पूछिए WHY? प्रत्येक के कारण को समस्या के नीचे ही लिख लीजिये और इन्हें analyse करें। कोई root cause लगता है उसे छोड़ दीजिये और समस्या के लिए फिर से WHY? ऐसा तब तक करिए जब तक की सभी समस्याओं के अंत में root cause ना आ जाये।

Thumb rule कहता है, 5 WHY पूछना काफी है। 5 WHY पूछने तक किसी भी समस्या का root cause सामने आ जायेगा लेकिन ये कम या ज्यादा भी हो सकते हैं इसलिए यहाँ भी कोई नियम नहीं क्योंकि आप जब समस्या के कारण को analyse करेंगे तो ये आपको ही पता होगा कि उस कारण का आपके पास समाधान है या वो भी एक समस्या ही है। इसलिए जितना चाहें उतने Why पूछिये और root cause तक पहुँच जाइए।

Lets take a example for better understanding of WHY WHY Analysis:

अब इस WHY WHY analysis को एक example से समझने की कोशिश करते हैं। मान लीजिये एक नौकरीपेशा व्यक्ति की समस्या है कि उसके पास धन की कमी है तो उसकी इस चिंता का root cause analysis इस chart से समझने की कोशिश करते हैं:

how to reduce tension in hindi

जब हम पूछते है धन की कमी क्यों है ? तो दो कारण हो सकते हैं। पहला salary कम है दूसरा खर्च ज्यादा है। खर्च ज्यादा है, एक root cause है। इसलिए इसके समाधान पर बाद में विचार करेंगे अभी salary कम के लिए हम why पूछते हैं तो फिर दो कारण आ रहे हैं। पहला company का salary structure ही ऐसा है और दूसरा मेरी performance ख़राब है। salary structure को root cause मानते हुए इसे यही छोड़ देते हैं और performance ख़राब के लिए फिर why पूछते हैं। तो यहाँ तीन कारण हो सकते हैं। पहला नौकरी में interest नहीं है, दूसरा job interest का नहीं है और तीसरा skill की जरूरत है। यहाँ दूसरा और तीसरा कारण root cause हैं इसलिए सिर्फ पहली समस्या के लिए why पूछते हैं तो दो कारण आ रहे हैं। पहला business करना है और दूसरा कुछ और करना है। चलिए अब हमारे पास धन की कमी चिंता के 6 root cause आ गए हैं तो इनका समाधान ढूँढ़ते हैं।

हमारी धन की कमी चिंता का पहला root cause – खर्च ज्यादा है।

इसके लिए अपने खर्चों को monitor करिए, खर्चों को लिखने की आदत डालिए। भले ही 10 रुपये क्यों ना खर्च हुए हों उसे लिखिए। कम से कम दो महीने तक अपनी routine life के हर खर्च को लिख कर रखिये। दो महीने बाद इन्हें analyse करिए, कुछ खर्चे ऐसे होंगे जिन्हें आप तुरंत प्रभाव से ही बंद कर सकते हैं तो कुछ खर्चे, कम किये जा सकने वाले होंगे। इस तरीके को आजमा कर 25-30% खर्चा कम किया जा सकता है। It really works, मैंने इसे आजमाया है।

हमारी धन की कमी चिंता का दूसरा root cause – company का salary structure कम है।

अब ये आपके बस से बाहर की बात है कि company का salary structure change करवाओ। इसलिए नयी company search करो, apply करो, interview दो, जब कहीं select हो जाओ तो company change कर लो। इसके लिए मेहनत करनी पड़ेगी, चिंता करने से कुछ हासिल नहीं होगा।

हमारी धन की कमी चिंता का तीसरा root cause – job मेरे interest का नहीं है।

इसके लिए अपने manager से बात कीजिये, उससे अपने interest के field में transfer करने के लिए request करिए। अगर इससे बात नहीं बन रही तो किसी दूसरी company में apply करें और वहां joining से पहले ही सारी चीजें clear करके join करें।

हमारी धन की कमी चिंता का चौथा root cause – skill की जरूरत है। 

इसके लिए भी अपने manager से बात करिए ताकि वो higher authority से बात करके आपके लिए training arrange कर सके। आज-कल बहुत सारी companies अपने employees को required training provide कराती हैं। या फिर आप अपने level पर कहीं private institute से अपने खर्चे पर भी वो skill सीख सकते हैं। आखिर वो skill आपके काम ही आनी है।

हमारी धन की कमी चिंता का पांचवा root cause – business करना है। 

क्या आपके पास एक अच्छा idea है ? उसको implement करने के लिए जरूरत के सभी resource हैं ? क्या आपने अपने dependents के लिए जरूरत के इंतज़ाम कर दिए है? अगर ये सब जवाब हाँ में हैं तो फिर देर किस बात की। नौकरी छोडिये और business कीजिये। लेकिन किसी एक का भी जवाब ना है तो अभी business करने का time नहीं आया है, नौकरी में ही ध्यान लगाईये।

हमारी धन की कमी चिंता का छठा root cause – कुछ और करना है। 

कुछ लोगों के मन में आ सकता है की उन्हें कलाकार बनना है। पहली बात, नौकरी करते हुए भी कलाकारी की जा सकती है लेकिन अगर कोई इसे full-time करना चाहता है तो उसे पहले ये ensure करना चाहिए कि वो अपनी कला के दम पर इतनी कमाई कर सकता है कि परिवार की जरूरत पूरी कर सके तब फिर अपने मन का करो और नौकरी छोड़ दो।

ये example सिर्फ illustration के लिए है, जरूरी नहीं है कि आपकी same समस्या के लिए root cause या solution यही हों। ये आपकी परिस्थितिओं, विचारों और mind set के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। 

Final Conclusion for How to reduce tension:

चिंता से निपटने के लिए आपको ऐसे ही जड़ में पहुँच कर उसका हल तलाशना होगा। सिर्फ चिंता करते रहने से कुछ हासिल नहीं होगा। चिंता करने से ही कुछ हो जाता तो हफ्ते में एक दिन चिंता दिवस ही नहीं मना लें। जिसमे सभी रिश्तेदारों, दोस्तों, साथियों को बुला ले और उन्हें एक चिंता दे दें कि भाई आज इस पर चिंता करनी है ताकि शाम तक मेरी ये चिंता खत्म हो जाए। क्या ऐसा संभव है? नहीं ना, फिर चिंता करने से क्या हासिल होगा, सिवाय समय और सेहत ख़राब होने के। चिंता है तो causes of stress तलाशिए, जड़ में जाईये और समाधान करिए।

अब एक आखिरी बात। जब हम root cause analysis करने के बाद final solution तलाश लेते हैं तो हमारे सामने दो ही चीजें हो सकती है, या तो हम उस solution को implement कर सकते हैं या फिर नहीं कर सकते। अगर हम implement कर सकते हैं तो चिंता की जरूरत ही नहीं, तुरंत implement कर दीजिये और अगर implement नहीं कर सकते तो फिर चिंता करने से क्या फायदा। परिस्थितियों को accept करिए और “अपना जीवन ख़ुशी के साथ बिताइए ना कि चिंता में अपनी ज़िन्दगी ख़राब करिए।”

अपने इस article के शुरू में मैंने आसान शब्द का इस्तेमाल काफी किया है, वो जानबूझ कर किया गया है। “जिस दिन से आप चीजों को आसान समझने लगेंगे वो आसान हो जायेंगी और अगर आप मुश्किल समझेंगे तो वो आपको मुश्किल ही लगेंगी।”

उम्मीद है How to reduce tension in hindi post को बढ़कर आप भी अपनी समस्याओं का root cause पता करके उनके solution ढूंढ पाएंगे। अगर आप अपनी कोई stress reducing tips शेयर करना चाहे या अपना कोई व्यू देना चाहें तो comment section के जरिये हमें जरूर इससे अवगत करायें। हमारी मदद करने के लिए इसे Google+, facebook, twitter और दूसरे social platform पर अपने मित्रों के साथ share जरूर करें।

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How to reduce tension | चिंता छोड़ने का एक technical तरीका :
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सभी की ज़िन्दगी में चिंता किसी न किसी वजह से बनी ही रहती है. कोई इस पर काबू पाकर हंसी-ख़ुशी अपना जीवन बिताता है और कोई मायूसी की गर्त में चला जाता है. अगर आप भी अपनी चिंताओं का समाधान चाहते हैं तो एक बार ये आर्टिकल जरूर पढ़ लें.

Comments

  1. aasil ji, business ke lia …. koi solution

    • दीपक जी कहते हैं बिना चाभी के कोई ताला नहीं बनाया जाता .ऐसे ही हर समस्या का कोई न कोई समाधान जरूर होता है . जरूरत है तो बस उस solution को ढूंढने की और implement करने की .

  2. आदिल जी, बहुत ही उपयोगी पोस्ट है आपकी. आपने मुश्किलों को आसान करे का आसान तरीका बताया है.

    अनिल साहू

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