अब मुझे आत्महत्या (suicide) कर लेनी चाहिए !!!!!!!!!

अब मुझे आत्महत्या (suicide) कर लेनी चाहिए !!!!!!!!!

मैं अब ये दबाव झेल नहीं पा रहा हूँ। मुझ पर हर तरफ से pressure बढ़ता ही जा रहा है। ज़िन्दगी में मुसीबतों का पहाड़ खड़ा हो गया है। उपरवाले आखिर मैंने किसी का क्या बिगाड़ा है जो तू मुझ पर मुसीबतें और परेशानियाँ लादता ही जा रहा है। मेरा दिल पीड़ा और वेदना से भर गया है। इतना असहाय तो मैंने अपने आप को कभी महसूस नहीं किया। दोस्त मुझ पर बेबुनियाद इल्जाम लगा रहें हैं। परिवार मुझे हमेशा के लिए छोड़ देने को आतुर दिख रहा है। रिश्तेदार मुझ पर अंगुली उठा रहे हैं।

suicide-is-not-solution

मैंने business में लाखों रूपये का घाटा खाया है, partners भी मुझ पर पैसा खाने का इल्जाम लगा कर मुझसे अपना सारा पैसा वापस माँग रहे हैं। आखिर इतना सारा पैसा मैं अकेले कैसे चुका पाउँगा। सभी जगहों से business के लिए पैसा मैंने ही arrange किया। सभी लेनदार मुझे ही जानते हैं और अब उन्हें पता लग चुका है कि business में नुकसान हुआ है। इसलिए वो सभी मुझ पर पैसा वापस लौटाने का दबाव बना रहें हैं। मुझे धमकाया जा रहा है।

ज़िन्दगी इसी का नाम है….

माँ-बाप, भाई-बहन सभी ने ऐसे समय में मुझसे हमेशा के लिए नाता तोड़ लिया है। अब मैं क्या करूँ, मैं तो सोच-सोच के परेशान हूँ। मैंने जानबूझकर तो कभी किसी को भी नुकसान नहीं पहुचाया, ना ही कभी नुकसान पहुँचाने की सोची भी। पर क्या अनजाने में मुझसे कोई इतनी बड़ी गलती हो गयी कि उपरवाला मुझे उसकी सजा दे रहा है। आखिर मैं करूँ तो क्या करूँ? मैं कहाँ जाऊ? किससे मदद मांगू? कोई रास्ता नज़र नहीं आ रहा है। कहीं से कोई रोशनी की किरण नज़र नहीं आ रही है। मैं यह सब सोच-सोच कर पागल हुआ जा रहा हूँ। अब मेरे पास ख़ुदकुशी(suicide) के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।

Give me some sunshine, Give me some rain
Give me another chance, I wanna grow up once again……ऐसा लगने लगा है कि ये lines शायद मेरे लिए ही लिखी गई है।

जीने के लिए सोचा ही ना था, दर्द संभालने होंगे..

मुस्कुराऊँ तो, मुस्कुराने के क़र्ज़ उतारने होंगे…….यह गाना रह-रहकर मेरे कानों में गूंजने लग जाता है।

क्या आप इससे ही मिलती जुलती मनो-दशा से गुजर रहे हैं?

दोस्तों आज से तक़रीबन दो-ढाई वर्ष पहले मेरी मनोदशा यही थी। बल्कि मेरे लिखे ये शब्द मेरी असल पीड़ा, दर्द, वेदना का सिर्फ कुछ हिस्सा ही दर्शा पा रहें हैं। मेरे जीवन का एक एक पल इतना बड़ा और भारी हो गया था कि लगने लगा था कि बस अब मरने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। जब पंखे के नीचे लेटता तो लगता इसी पर फंदा लगा कर झूल जाऊ। रसोई में जाता तो लगता चाकू से अपनी नस काट कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लूँ। अपने plant की सबसे ऊँची building को देखता तो लगता इस पर चढ़ कर कूद जाऊ, तो जिंदा बच पाने का कोई chance ही नहीं है।

पर जब भी ये सब सोचता तो मेरी आँखों के सामने मेरी बच्चियों के चेहरे घूमने लग जाते। मेरे अन्दर से आवाज आने लग जाती कि मैं तो चला जाऊंगा फिर इनका क्या होगा, इन्हें कौन संभालेगा? मैं आखिर इनकी जिम्मेदारियों से कैसे भाग सकता हूँ? मेरी ये सोच हमेशा ही मेरी आत्महत्या की सोच पर हावी हो जाती और मैं suicide करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।

आत्महत्या (Suicide) – कायरता या मूर्खता :

दोस्तों मेरा ये article लिखने का मकसद ये है कि मैं आपको ये बताना चाहता हूँ कि आज जब मैं अपने जीवन में पीछे मुड़ कर देखता हूँ, उन परिस्थितियों के बारे में सोचता हूँ तो लगता है कि अगर मैंने suicide कर लिया होता तो वो कितना मूर्खतापूर्ण decision होता।

कुछ लोग कहते हैं suicide करना कायरता है क्योंकि हालातों से लड़ने के बजाय आपने उनके सामने हथियार डाल दिए। पर मैं जानता हूँ suicide करने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए। शायद किसी दूसरे को मार देने से भी ज्यादा खुद को खत्म कर देने के लिए हिम्मत चाहिए। अपने घर, परिवार, दोस्तों, सपनों को अपनी आखों के सामने उमड़ते-घुमड़ते देखकर भी अपनी जान ले लेने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए।

आज जब मैं अख़बारों में पढता हूँ कि कहीं किसी coaching institute में बच्चे ने आत्महत्या कर ली, कभी किसी college में कोई बच्चा आत्महत्या कर लेता है, तो कभी financial crises के चलते कोई अपने बीवी-बच्चों को खत्म कर खुद भी suicide कर लेता है तो ये सब पढ़ कर बहुत दुःख होता है, तकलीफ़ होती है क्योंकि मैं भी इस मनोदशा का शिकार हुआ हूँ।

तनाव से मुक्ति कैसे पाएं 

किसी भी तरह की बुरी से बुरी परिस्थितियों से गुजर रहे लोगों को मैं एक सलाह देना चाहता हूँ जितनी हिम्मत आपने suicide करने के लिए जुटा ली बस उतनी ही हिम्मत अपने हालातों से लड़ने के लिए जुटा लें फिर कुछ वर्ष बाद जब पीछे मुड़कर अपने जीवन को देखेंगे तो यही कहेंगे कि अगर मैंने suicide कर लिया होता तो वो कितना मूर्खतापूर्ण decision होता।

हाँ दोस्तों suicide करना कायरतापूर्ण decision हो सकता है पर ये मूर्खतापूर्ण decision तो जरूर है क्योंकि आज जो भी हालात हैं वो कल नहीं रहेंगे। अगर आप इन्हें सुधारने की कोशिश शुरू कर देंगे तो इन्हे बदलना ही है।

हालातों का जायजा लीजिये :

आज आपके हालात जिन वजहों से भी ख़राब हुए हैं, आप को उन्हे review करना होगा। आपने अपने past में जो भी decision लिए थे जिन वजहों से हालात ख़राब हुए हैं उन्हें अपनी गलती मानकर तुरंत उन्हें सुधारने की कोशिश में लगना पड़ेगा। कई बार हम ये मान ही नहीं पाते कि मैं कोई गलत decision भी ले सकता हूँ और फिर अपने decision को सही साबित करने के चक्कर में अपनी मुसीबतों को और बढ़ाते चले जाते हैं। ऐसा ना करें, क्योंकि ये अहम् आगे चलकर हमारी मुसीबतों को कई गुना और बढ़ा देने वाला है। कुछ हालातों को तुरंत बदल पाना संभव नहीं होता तो उनके साथ उस वक़्त लड़ने के बजाय उन्हें ईश्वर के हवाले कर दें। जो आपके हाथ में है ही नहीं, उसके साथ जितनी माथा-पच्ची करेंगे तो उतनी ही उलझती चली जाएँगी।

Schooling के समय मेरे एक teacher ने मुझे सलाह दी थी कि बेटा जब भी exam hall में exam देने बैठो तो पूरा paper पहले पढ़ लो। जिन questions के answer तुम्हे सबसे अच्छी तरह से याद है, उन्हें सबसे पहले पूरा करो। फिर उन questions का answer लिखो जो तुम्हे याद तो हैं पर उनके बारे में थोडा सोचना पड़ेगा। फिर उनके answer दो जो तुम्हे याद कर-करके लिखने पड़ेंगे और फिर आखिर में उनके बारे में सोचना जो तुम्हे बिलकुल याद नहीं। अब सोचिये अगर हम पहले उन questions के answer देने बैठ जाएँ जो हमें बिलकुल याद नहीं हैं तो क्या होगा? हमें उस exam में फ़ैल होने से कोई नहीं रोक सकता।

संकट /समस्या के प्रति हमारा नज़रिया

बस यही तरीका हमें अपनी मुसीबतों से लड़ने में लगाना है। सभी परिस्थितिओं का जायजा ले लीजिये। देखिये किनके साथ तुरंत लड़ने की रणनीति बना कर उसे निपटाया जा सकता है। रणनीति बनाते वक़्त ये जरूर ध्यान रखें कि किस मुसीबत से पहले लड़ना जरूरी है? क्योकि अगर आपने एक-एक number के questions के चक्कर में 10 number का question छोड़ दिया तो हो सकता है आप exam में पास तो हो जाएँ पर उस पास होने में आपको भी मज़ा नहीं आएगा। हो सकता है कोई मुसीबत बड़ी हो और उस वक़्त आपके पास उससे लड़ने के रणनीति भी नहीं हो पर अगर ये जरूरी है तो पहले इसी के साथ हाथ आजमायें।

सभी परेशानियों से एक साथ लड़ने की कोशिश ना करें। सब का नंबर एक-एक करके लें। जिनसे निपटा नहीं जा सकता उन्हें ईश्वर पर छोड़ दें। कुछ मुसीबतें समय के साथ खुद ही कहीं पीछे छूट जाती है और हमें पता भी नहीं चलता। कुछ को ईश्वर अपने आप ठीक कर देता है और हमें कुछ करना ही नहीं पड़ता।

दोस्तों ये जीवन हमें ईश्वर का उपहार है। ये हमें ईश्वर ने दिया है तो क्यों ना इसे ईश्वर को अपने तरीके से ही लेने दिया जाए। हम क्यों ये उपहार उसे वापस लौटा दें? उपहार लौटना तो अच्छी बात नहीं होती ना।

Creative Thinking जरूरी है problems के बेहतर solutions तलाशने में

तो ये सवाल कभी हमारे दिमाग में नहीं आना चाहिए कि अब मुझे आत्महत्या कर लेनी चाहिए!!!

हमें ये जीवन जीने के लिए मिला है इसे भरपूर जिए, इसका भरपूर मज़ा लेते हुए जिए। मुसीबतें आएँगी पर जब हम उनके सामने चट्टान की तरह खड़े होंगे तो सभी मुसीबतें, सभी परेशानियाँ बिखर के कहाँ चली जाएँगी, हमें पता भी नहीं चलेगा।

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Keywords – suicide, आत्महत्या, परेशानियाँ, मुसीबतें, मूर्खतापूर्ण decision, हालात
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Comments

  1. Mere Marne Ki ichcha Ho Rahi Hai Lekin kya karun Mujhe Apne bacchon ka Munh dekhna padta hai is Karan se mer bhi nahin Paya mere upar karj Ho Gaye Kee mai chuka nahi Pa Raha Na hi Main Usko Kuch Kar Pa Raha aur 4 Sal mein Main mere upar Kareeb 6 lakh rupaye ka Karz Ho lekin kya karun jisse liya hai usne Tu Mange ga Business mein Sare paise Mein Doob gaye hain Mere Charon taraf se jo ummid khatm ho gai hai suicide karne ki ichcha hai chhodkar chala jaaye duniya ko maine socha bank se 6 lakh lone mile jaiga to mai uski kist aram se chuka dunga lekin bank bhi mujhe lone nahi de rha h mai ager apne bhachcho ko bhukha marte hua nahi dekh pa rha hu mai mahine k 20 hajar kamata hu lekin sare paise intereste mai chle jate h mai apne ghar ka khrcha bhi nahi chala pata hu kya kru bachho ko bhokha dekh marne ko men kerta h or konsa aisa bap hoga jo apne bachho ko bhukha rhkhna chayga

    • मरने से तो समाधान नहीं मिलेगा, बल्कि आपका परिवार और परेशान हो जाएगा. थोड़ी हिम्मत रखिए और अपनी इंकम को बढ़ाने का तरीका खोजे. आज 20000 कमा रहे हैं तो कुछ ऐसा कीजिए कि 30000 कमाने लगें. एक काम से free होकर कोई दूसरी नौकरी कीजिए. Part Time work search कीजिए. थोड़ी मेहनत आपको करनी पड़ेगी, लेकिन जल्दी ही आप अपनी मुसीबतों से अपने आप को बाहर आता देखेंगे. आप नेटवर्क मार्केटिंग भी try कर सकते हैं, जिसमें बहुत कम पैसों मे ही अपना काम शुरू किया जा सकता है. मैं भी अपने part time मे network marketing करता हूँ और कुछ extra पैसे कमा लेता हूँ.

  2. Afsana zaidi says

    Agr koi apna hi torchur kr rha ho hme jiske khilaaf hm kuch kr nhi skte aur na hi us bare me kisi ko bata skte ajeeb kashmakash me fas gyi zindagi hamaara koi nhi raha bs ek ma hai Jisse hm bht pyar krte hai lekin Usse bhi kuch bol nhi skte kyuki meri maa ke liye hmse zyada wo log khas ho meri ammi meri baat manegi hi nhi koi option nhi bacha mere pas

    • ye aapka manna hai ki aapke pas koi option nahi bacha. agar aap manne lage ki aapke paas options hai to koi na koi ummid, koi na koi rasta aapko dikhai dene lagega. agar koi apna hi aapko torchur kar raha hai aur aapko lagta hai ki ma aapka vishwas nahi karegi to ekdam se nahi lekin thoda thoda unki kartooto ke bare me apni ma se zikra kijiye. unki buri baato ko ma ke samne layiye. apni madad aapko khud karne ki himmat dikhani padegi, tabhi Allah bhi aapki madad karne ka rasta sujhayega, nahi to aap bebas kisi ki madad ke intezar me apni zindagi ko kharab hota dekhti rahengi. himmat kijiye, nainsafi ke khilaf aawaz buland kijiye, fir dekhiye madad ke aur musibat se nizad ke raste kis tarah se aapke liye khulne lag jayenge.

  3. मैं एक विकलांग महिला हु! मैं private जॉब करती हु मेरे भाई और पिता जी न होने की वजह से मेरी लोकल् में शादी की गयी ! मेरी माता जी भी praivate नौकरी करती है मेरे पति घर जमाई है मेरा 6 साल का है मेरी शादी को 7 साल हो गए है मेरे पति ने मुझे कभी ये अहसास नहीं होने दिया की मैं विकलांग हु वो मेरे साथ कही जाने में हिचकते नहीं मेरा ध्यान भी रकते है प्यार भी जताते है
    लेकिन मेरे पति की कर्ज लेने की आदत है जिससे मेरी जिदगी बर्बाद हुई जा रही है वो काम करते है और वो तीन भाई है और तीनो कर्जेदार है लेकिन उनका कर्जा क्यों बार बार हो जाता है ये मैं समझ नहीं पा रही हु कभी कहते है भाई मरने की बात करता है उनकी मदद के लिए तो कभी कहते है मेरी नसमझी की वजह से कभी सच नहीं बताते कभी कहते है मुझे तुम्हारा पैसा नहीं चाहिए कभी कहते है मै बहुत परेशान हु कुछ पैसे देदो इन 7 सालो में हर साल 01 लाख से ज्यादा का कर्ज कर लेते है और शादी से लेकर अभी तक कभी बैंक से लोन तो कभी किसे से उधार लेकर मैंने इनका कर्ज पटाया है कर्ज पटाने के ६ माह के अन्दर फिर से कर्ज कर लेते है मेरे सामने ऐसी स्थिति खड़ी कर देते है की न चाहते हुए भी मुझे अपने बच्चे और माता जी की वजह से और समाज की हंसी के डर से उनकी मदद करनी पड़ती है और नौकरी करते हुए भी आथिक परेशानी झेलनी पड़ती है मेरे सामने तो गलती मानाने का ढोंग करते है, कर्ज चुकाने का वादा करते है लेकिन आज तक पैसे को लेकर धोखा ही दिया है अब तो मुझे आत्महत्या के आलावा कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है क्योकि अपने बच्चे को मैं पिता से अलग नहीं करना चाहती क्योकि मैंने अपना जीवन बिना पिता के पालन के बिताया है और माँ को भी बिना पिता के जीवन में संघर्ष करते देखा है अगर में पति से अलग होती हु तो मैं ऐसा जीवन नहीं जी पाऊँगी और अपने बच्चे और माँ को देखकर मर भी नहीं पा रही हु मेरे पति का इतना साथ देने के बाद भी वो सुधर नहीं रहे है सिवा उनके कर्ज लेने के उनमे मेरे प्रति और मेरे परिवार के प्रति कोई गलत सोच मुझे नहीं दिखती और उनकी गलत आदत के लिए मैं उनके परिवार को भी जिम्मेवार मानती हु लेकिन वो अपने परिवार को भी छोड़ने को तैयार नहीं मेरे रिश्तेदारों को भी उनकी कर्ज की आदत की जानकारी है लेकिन मेरी स्थिति की वजह से कोई इस्पष्ट नहीं बोल रहा पहले मै अपनी माँ को खुलकर उनके बारे में बता देती थी लेकिन माँ की तबियत की वजह सेअब मैं उनको नहीं बताती मैं अपने सरे प्रयास करके हार चुकी हु मैं क्या करू कुछ समझ में नहीं आ रहा है मैं अपना और अपने बच्चे का भविष्य अंधकार में देख रही हु मेरा दम घुट रहा है कुछ रास्ता नजर नहीं आ रहा कृपया मेरी मदद करे मैं क्या करू

  4. Mujhe job ki jarrur Hain please kise ke pass. Kohi bhi job h to please call me 8005986786

    • Haryana bhadurgarh mein guard ambulance driving ki job hai google pe search kro bharam shakti sanjivni hospital…. Usss se number lo or wha jao

  5. Mai marna chahti hu plzzz

  6. Nakul Sawant says

    पूरे ब्रह्मांड में केवल मनुष्य ही है जो पैसा शोहरत इज्जत नाम कमाने में लगा हुआ है जो अंत समय में किसी भी काम का नहीं सम्बन्धों के मायाजाल में फसा हुआ और इन्हीं कुछ कारणों से मनुष्य अपने आप को केवल जीव मात्र समझकर आत्म हत्या जैसे निर्बल कार्य करता है
    जिंदगी जीने का नाम है
    जिंदगी हर कदम एक नई जंग है

  7. Sir m yaha bhi apse bat nhi krna chahti par m marna chahti hu m thak gyi hu akele life sy ldte ldte

    • Akele lad kar jitne me Jo maza hai, wo Sahara lekar jitne me nahi. Jab tum Akele ho, usi samay to ishwar tumhare sabse nazdeek hai. Apki samasya ho sakta hai bahut badi ho, lekin uska samadhan bhi wahi aas paas mauzud hai. Bas apko to use search kar lena hai

    • I also want to do but I have a line
      Jab Merna hi h to thoda ji ke mru
      Dard usi Ko milte h jismay use shahne ki taaket Hoti h

  8. Monika mera naam h m bhot jada presan hu m ek chhote sy gav ki ldki hu mere sath khade hone wala aaj koi bhi nhi h kuki m khud kisi ko kuch btana nhi chahti m bus marna chahti hu

  9. Rakhi.kasana says

    Mujhe atmhatya krni h kese Kru plz koi bta do

    • अच्छा सवाल हैं. यहाँ लोग अमर हो जाने के लिए ना जाने क्या क्या कर डालते हैं. पता है ना आपको, लोगों की बलि तक दे देते हैं और आप हैं कि…

  10. MAKWANA.AJAY says

    Mere.upar.20000.hajar.ka.karj.he.me.apne.maa.baap.ka1.hi.beta hu.m uke.kus.samajme.nahi.aata.me kya karu

  11. Aleem ahamad says

    भाई मेने 2013 मे 12th पास की थी तब से लेकर अब तक तक मेने कुछ काम नहीं सीखा बस मौज मस्ती की, पर अब मुझे बहुत पछतावा हो रहा है कि मेने इतना टाईम वेस्ट कर दिया, पर अब October20 2018 को मेरे घरवाले, जीजा सब बोल रहे हैं कि तू Dubai जा और पैसे कमा, बात सही है पर मेरा मन नहीं मान रहा है क्यूँकि मेरे अब्बा नहीं है और मेरी माँ की भी तबीयत खराब rehti है, मेmera एक बड़ा भाई है एक छोटा, kehne को बड़ा है पर दीमाग मे कम दुनिया daari नहीं समझता, छोटा भाई है वो नशे कर्ता है समझाया भी इलाज भी करवाया नहीं मानता फिर भी,,, भाई मे बहूत परेशान हु अपने कैरियर और अपनी family को लेकर…और सच बताऊं तो मुझे अपने देश और अपने परिवार से बहुत प्यार है मे पैसो के लिए इन दोनों मे से किसी को छोड़ना नहीं चाहता…और अपने परिवार को humesha खुश रखने के लिए मे पैसे भी कमाना चाहता हूं और इसीलिए मेरा दिल छोटी मोटी नौकरी में नहीं लगता मे कुछ बड़ा करना चाहता हूं पर कर नहीं पाता. सर प्लीज कुछ बताइए मे क्या करू अब आगे?

    • I just want to say dont take pressure .try to solve your problem try hard and fight back ,dont be emotional think practically money is basic need you have to earn money thodi pareshani hogi par ek baar than loo ki mujhe job karni hai kuch bhi ho jaye bohot pareshani hogi par kuch tho karna hi padega ,sorry to say par sirf sochne se kuch bada kaam ni hoga bohot dhakke khane padte hai try karoge tabhi kuch pata chalega ki karna kya hai doonia ko dekho samjho fir soch samajh ke jo karna chaho karo

  12. Kishorsinh jadeja says

    Sir meri biwi ne mere pe aaj jutha kes darj Kiya hai, woh bhi apne mummy papa ke kahene par ab mujhe ushse baat karni hai or ushe manana hain magar ushke mammy papa milne bhi nahi dete or baat bhi nahi karne dete abhi me Kiya karu. Woh bahut hi bholi hai

    • Bhai aap kanuni salah lijiye. Koi achcha wakil isme aapki jyada behtar madad kar payega. Apne rishtedaro ki madad se aap sasural walo ko samjhane ki koshish bhi kar sakte hai.

      • Kishorsinh jadeja says

        Uske mummy papa samajne ke liye tyar hi nahi hai
        5 din ho gye jab police station fariyad ki thi abhi bhi mujhe police ka bhi phone nahi aaya hai

        • Kishorsinh jadeja says

          Answer sir

          • Sir isme koi wakil hi aapki madad kar payega. Agar samjhane se nahi man rahe hai to aapko kanuni salah leni chahiye.

          • Kishorsinh jadeja says

            Agar main keh du ke mujhe talakh Lena hai toh kiya hoga

          • Apko ek sachchi kahani batata hu. Ek ladke ke sath aap jaisi ghatna hui. Wo sasural gaya. Lekin use patni se milne nahi diya gaya. Kai chakkar lagane ke bad, ek din wo ek final decision banake fir sasural gaya aur kaha, me apni patni ke muh se yeh sunna chahta hu ki wo mere sath nahi rehna chahti. Aaj me uske muh se sune bina yaha se jaunga nahi. Bahut jid ke bad sasural walo ko dono ko milana pada. Wo ladki se mila, use kuch samjhaya aur uska final decision poocha. Ladki apne ghar walo se boli, jab aapne ek bar meri shadi kar di to yahi mera jeevansathi hai. Ab ye mujhe chahe jaisa rakhe me isi ke sath rahungi. Wo sath aa gayi aur aaj khushi khushi apni zindagi bita rahe hai.
            Ye ek sachchi ghatna hai. Aapke sath bhi aisa hi hoga, me nahi janta.

  13. Kanti Ballabh Sharma says

    sir my family relation is not good with me,me mentally bahut disturb rahta hu akele me sochne par suicide karne ka maan karta hai samne apne 2 bacho ka khyal aa jata hai fir kahi ठहर सा जाता हूँ financial or job condition v thik nahi hai butt family dwara us issue ko jor shor se mere upar me or pressure banaya jata hai misses v har wakt ulta sidha or ladayi jhagda karti hai koyi ijjat nahi ki jati hai meri jise me bahut jyada disturbing rah kar drink karne lag jata hu or ghut ghut kar apne aap se baat karne lag jata hu jise mera mind suicide karne ka karta hai plz help me

    • Bhai Pehli Baat drink karne se to koi solution nahi aayega, ha aap apne aap ko aur bimar jaroor kar lenge. To achcha ye hai ki kuch alag soche, aap apni income kaise badha sakte hai, us par dhyan de. Apne kam ke sath kuch part time kam aur kare, jisse aapki income bhi badhegi aur aapka jyada dhyan apne kam par rehne se dimag thoda shant bhi rahega.

  14. Dear Hindiera Ji,

    I do no wish to disclose my identity here but I want to tell you that I am going through with these kind of similar issues in life.

    I hope that you will gonna understand this and you can suggest something on how to live my life peacefully, because I’ve a 16 months old son and I know if I won’t be there for him, no one can raise him like the way I want to raise or give better life to him.

    Now, I am 31 year old person, got married after almost 10 years of our courtship in 2014. Ever since we were in the relationship we both loved each other, both mostly she never took any initiative till date, nor she stand on her words/promises. Now a days after 4 years of our marriage she hides many things and lie sometimes.

    I am a kind of person who is loyal to my better half all the time and I express my love, sorrow, joy, pain, happiness to her with my open heart every time, but she is just opposite of that(not introvert, because when she had a fight with me, she expresses herself with so much pain that neighbours can hear it out loudly).

    I always try to calm her and I always ask her about the issues bothering to her, but every time due to her mistakes(for which I point out most of the times), she found excuses on top of it and this I can’t tolerate sometime and that’s how our fight goes on and on….

    So basically, I am in a situation where I want to live with them(with my wife & son), but I don’t have any wish to stay in this kind of disrespectful atmosphere. Because out of 24 hours of my day, I usually spent only 13 to 14 hours at home with them and in those left hours I do my office and travelling, because of this I found difficult to manage things sometimes because of the work pressure(usual and mental), so I don’t want it to get the similar kind of mental pressure at home.

    Kindly suggest the way out and with all due respect, please don’t say talk to her and explain my pain, because she is not that person who listen and understand and I’ve already tried this almost 200 times before. And that’s the reason I want to quite and end my life, but due to my son’s future and my mom-dad’s life, I don’t wanna do that.

    I can’t write it all or I can’t explain everything here but, I hope that you will get my point and revert accordingly.

    Best Regards,
    Anonymous
    28-Sept-2018

    • इसके लिए मैं आपको मिलती-जुलती तीन हकीकत सुनाता हूँ . ताकि आप ये समझे कि आप अकेले इस तरह के हालातों से नहीं गुजर रहे हैं. मैं बहुत ज्यादा लोगों को नहीं जानता हूँ, लेकिन जितनो को जानता हूँ, सोचिये उनमे से भी तीन लोग आपके जैसे हालातों से गुजर रहे है. आपकी कहानी पढ़ते-पढ़ते ही मेरे दिमाग तीनों की शक्लें घूम रही थी.
      १. एक व्यक्ति घर वालों के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह करता है,कुछ साल बहुत अच्छे गुजरते हैं. एक बहुत प्यारा से बच्चा उनकी ज़िन्दगी में आता है.अचानक दोनों की लाइफ में problems start हो जाती हैं, यहाँ तक की वाइफ घर छोड़ कर चली जाती है. बच्चा पिता के साथ है. बहुत कहने-मनाने पर भी नहीं आती है. दोनों का तलाक हो जाता है,और फिर लड़की दूसरी शादी कर लेती है. थोड़े दिनों में ये बात लड़के को पता चलती है और वो भी दूसरी शादी कर लेता है. वो शादी में देरी इसलिए करता है कि शायद बच्चे का मोह उसकी पत्नी को उसके पास वापस ले आये. पर ऐसा नहीं हुआ.
      २.एक व्यक्ति अपने घर वालों की इच्छा से शादी करता है, थोड़े दिनों में दोनों के एक प्यारी सी बच्ची होती है, लड़का फूला नहीं समाता है. वो अपनी बेटी और पत्नी से बेइंतहा मोहब्बत करता है. अचानक पत्नी के तेवर बदल जाते है. वो लड़के के परिवार से बेरुखी करने लगती है. वो लड़के पर शक करने लगती है. फिर अचानक एक दिन अपनी बेटी को लेकर अपने घर चली जाती है. लड़का उसे मनाने की कोशिश करता रहता है.कई महीने गुजर जाते है. लड़का हैरान-परेशान रहने लगता है. फिर एक दिन लड़की उसे बुलाती है और अपनी बेतुकी सी शर्तों पर वापस आने को राजी होती है.लड़का सरेंडर कर देता है, उसकी सारी बाते मान लेता है और उसे घर ले आता है. अब लड़के के माता-पिता, बहनों ने वहां आना छोड़ दिया है. और वो अपनी बेटी के लिए सबकुछ एडजस्ट करते हुए या कहूँ बर्दाश्त करते हुए अपनी लाइफ जी रहा है. पर उससे मिलकर कोई नहीं कह सकता कि इतनी मेंटल प्रेशर से गुजर रहा होगा, बहुत जिंदादिल है.
      ३.एक व्यक्ति की शादीशुदा लाइफ बहुत अच्छी चल रही है, तभी उसकी वाइफ की केंसर से मौत हो जाती है. दो बच्चियों के पिता को लगता है बच्चियों की देखभाल के लिए एक माँ की जरूरत है वो दूसरी शादी कर लेता है. लेकिन नहीं पत्नी न तो इसके बच्चों से, न ही माता-पिता से तालमेल बैठा पाती है. इसकी लाइफ नर्क बन जाती है. क्योंकि नई पत्नी को न तो ये बच्चे चाहिए और न ही माता-पिता. ये व्यक्ति परेशान रहने लगता है. और फिर इसी परेशानी में अपने आप को अध्यात्म से जोड़ लेता है. शांत रहने के लिए योगा करता है, meditation करता है और परिस्थितियों को control करने के अपने प्रयासों में लगा रहता है. बीच में काफी परेशान रहता था पर अब फिर से अपनी ज़िन्ददली को हासिल कर रहा है.
      तो बंधू देखा आपने, हर व्यक्ति अपनी परिस्थिति और अपने व्यव्हार से अपने हालातों को नियंत्रण करता है. आपको भी यही करना है. आपके लिए क्या बेस्ट है, वो आप decide कर सकते हैं. मरने के बारे में सोचना छोडिये और फैसला लीजिये. जो भी आपके लिए अच्छा है, उसे कीजिये और अपनी ज़िन्दगी को खुशनुमा बनाइए.

  15. मुकेश कुमार गुप्ता says

    मैं अपनी ज़िंदगी से थक चुके हु।मेरा मन बार बार सुसाइड करने का को कहता है ।मैं क्या करूँ।मेरी शादी हो चुकी है,मैं जब भी अकेला होता हूँ तो मेरा मन करता है।लेकिन जब मैं सुसाइड करने जाता हूं तो मेरी बीबी और एक बेटी की याद आ जाता है।मैं बहुत परेशान हु।क्या करूँ कुछ समझ मे नही आ रहा है।मुझे रोज सुसाइड करने का मन करता है।मैं बहुत रोटा भी हु।

    • आप अभी उसी स्थिति से गुजर रहे हो, जिससे कभी मैं गुजरा था. अच्छा बुरा समय सभी की ज़िन्दगी मे आता जाता रहता है, मरने के बारे मे सोचने के बजाय हमे अपनी परेशानियों का सामना करने के बारे में ज्यादा सोचना चाहिए. मैं आपको एक अच्छे psychiatrist से एक बार मिलने की सलाह दूँगा. कई बार हम एकदम से अपनी परेशानियों से बाहर नहीं निकल पाते, ऐसे समय में दवाओं का सहारा लिया जा सकता है. वैसे आप अपनी परेशनिया मुझसे hindierablog@gmail.com पर शेयर कर सकते हैं, शायद मैं आपकी कुछ मदद कर पाऊँ.

  16. Me ek ladke se bohot jyada pyaar krti hu 2 saal se hum relation m h pr usne kuchh din pehle mujhse relation khtm kr diya kyoki usko apna career banane k liye bohot jyada time chahiye or meri family itne din tak nhi rukegi kisi bhi halat m nhi or usko bina career banaye shadi nhi krni isliye usne mujhe chhod diya m usse bohot jyada pyaar krti hu bohot saari yaade h jo usse judi hui h m bula nhi sakti mene bohot koshish ki k use yaad n karu pr nhi hora man krta h jaan le lu apni or halat aise h k mujhe har roz use face krna padta h m kya karu plz batao

    • Pehla rasta to yahi hai ki aap apni family se bat karke unhe samjhaye. Ladke ke liye to uska Pehla pyar aap nahi carrier hai. To aapko hi apni family ko rookne ke liye samjhana padega. Agar ye sambhav nahi ho pata hai to mujhe aapko sarita ki kahani batani hogi, jo aaj apne ma-Baap ki ichcha se shadi karke bahut khush hai.

      • Na meri family manegi na m uske bina apni life imagine kr sakti hu mene use bohot samjhane ki koshish ki h k 2 saal k ander koi job dhundle shadi k baad bi to career ban sakta h wo apni family se ek bar baat krne ko bi razi nhi h m chahu bi to age nhi bad sakti apni life m uske pyaar m is kadar khogai thi k saari limits cross kr di to ab kya rasta h yahi k apni life hi khtm kr du

      • Apne mujhe mail krne k liye kha tha k apko us ladke k bare m information du pr apko mail diliver nhi horaha h

      • Mujhe us ladke ko roz face krna padta h yahi sabse badi pareshani h or agar nafrat dusre insan se karo to hum ek bar sabhal sakte h pr agar nafrat khud se hi hojaye to kya kare 1 1 din bitana mushkil hogaya h or agar ap kahenge k gharwalo k liye sochu to pehli baat meri mummy ki death hogai h or bhaiya bhabi ko mujhme koi dilchasbi nhi h papaa bhi saath nhi rehte meri life m kuchh bhi theek nhi h koi reasion nhi h jine ka ek umeed thi apne pyaar ko lekar usne bhi saath chhod diya m kaha jau sir plz batao

      • Sir m apse comments m kitni baate kr paungi plz koi idea dijiye jaha m direct baat kr saku or me us ladke ko jb tak realise ni krwa deti uski galti tab tak chain ni auega mujhe pr m ye karu kese kya karu k use apni galti samjh m ajaye pr m ab uski life m wapas nhi jaungi kisi bi kimat p pr use realise krwana bi jaruri h

  17. Hiii sir ji

  18. Hii sir

  19. Hanshita nara says

    Main hanshita hum par bahut sara karza tha hum himat nai hare hum jaha rahete hai waha se bhagkar dusri jagah chale gaye after 2 yrs hamara time ab acha aaya aur ab hum sabko dheere dheere amount de rahe hai sabse request hai kabi marne ka mat socho bhagwan aapke sath hai

    • Hanshita ji, बिल्कुल सही कहा है आपने. सबका अच्छा बुरा समय आता है. हमे हमेशा धैर्य से काम लेना चाहिए. आज अगर बुरा समय आया भी है तो कल अच्छा समय भी आएगा. हमे अपनी नीयत साफ और ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए.

  20. Anit Kumar says

    Mere user kafi Karl Hai IPC 380 ka case chal raha Hai settlement ke like diva gaya time najdeek aa raha hai paiso ka arrangement nahi ho paya hai mai jel nahi Jana chahta Kya karu kuchh samajh me nahi aa raha hai

    • me aapko yahi salah de sakta hu ki thoda thoda paisa logo se udhar lijiye, aur jisse bhi udhar le, use bata kar le ki kab tak aap chuka payenge. 2,3,4 mahine ya isse jyada, jo bhi time lag sakta hai, wo pehle se bata de. Bank se personal loan lene ki koshish kijiye. aapke paas agar kuch gold pada hai to use bank ke paas rakhkar loan utha sakte hai. ghar par pada aisa saasam jiske bagair bhi aapka kaam chal sakta hai, to use bech dijiye. apne kharcho par control kijiye. aise hi chote chote upayo se apna karz utar payenge.

  21. आरती says

    जो भी लिखा है सब सही है में सब मानती हूं! पर यदि बिज़नेस में लॉस हो , शारीरिक अपंगताहो किसी दुर्घटना के कारण, तो शायद आपके ये मंत्र काम आएं। पर यदि आपने किसी अपने के लिएकी , उसे बुरा न लगे ,उसे कुछ हो ना, आपने कुछ छुपाये रखा या उसके डर से की उसे पता चलेगा तो क्या होगा? आपने जो सही गलत किया उस अपने के लिए किया,,,,,,पर अंत मे जब वो आपका अपना आपको ही गलत समझने लगे तो? आपसे ज़्यादा दूसरे की बात पर भरोसा करने लगे,,,आपको किसी की झूठी बातों में आकर अपनी ज़िंदगी से निकल दे तो,,,,,रास्ता ही क्या बचा आपके सामने,,,,,सिर्फ आत्महत्या न,,,, बस अब यही सही है,,,जब मैं ही नही रहूंगी तो कोई क्या मुझे गलत समझेगा या कहेगा,,,,

    • आरती जी, आपकी बात से पूरी तरह से सहमत हूँ कि जब कोई अपना आपको गलत समझने लगे। दूसरों के कहने से आपको अपनी ज़िन्दगी से निकाल दे, फिर हम क्या करें? फिर तो मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बच जाता। मैं भी ऐसी परिस्थिति का शिकार हुआ हूँ। आपकी मनःस्थिति को मैं बहुत अच्छे से समझ सकता हूँ।
      आपने अपनी सोच अनुसार, किसी अपने के अच्छे के लिए उससे कुछ छुपाया, या कुछ सही गलत किया जिससे उस आपके अपने का भला हो सकता था। लेकिन अब उसे ये बात पता चल गई तो वो आपसे दूर हो गया। पहली बात तो आप इस चीज को accept कर लीजिये कि किसी भी रिश्ते में कुछ भी छुपाना सबसे बड़ी गलती है। क्योंकि जो बात आज आपको पता है, वो आज नहीं तो कल दूसरों को भी पता चल जाने वाली है। और जब हमारे किसी अपने को छुपाई हुई बात किसी और से पता चलेगी तो उसका नाराज़ होना जायज़ है।
      आपने एक गलती तो कर दी, अब आप दूसरी गलती करना चाहती हैं suicide करके। एक गलती का सुधार दूसरी गलती करके नहीं किया जा सकता। अपनी गलती का सुधार करने के लिए आपको अब सही कदम उठाना होगा, न कि आप दूसरी गलती करने का सोचने लगें।
      आप जिसका अच्छा चाह रही थी, आज वो आपसे नाराज़ है। उसकी नाराज़गी से दुखी होकर आपने भी आत्महत्या कर ली। फिर उससे क्या होगा? उस व्यक्ति के अंदर जो भी गलतफहमियाँ घर कर गई हैं, आपके जाने के बाद क्या कभी भी वो दूर हो पाएंगी? आपके बाद कौन है, जो उसे आज नहीं तो कल ये समझा पायेगा कि आपने जो भी किया था, उसमे उसका भला छिपा था। आप अपने आज से डर कर ज़िन्दगी से भाग जाना चाहती है, लेकिन आपका ये निर्णय क्या उस व्यक्ति की नज़रों में आपको कल सही साबित कर पायेगा? क्या उसे ऐसा नहीं लगेगा, कि आप गलत थीं इसीलिए लोगों का सामना नहीं कर पाई और दुनिया से ही चली गई।
      आरती जी दुनिया से भागिए मत, यहाँ रहकर अपने आप को सही साबित कीजिये। अपने आप को सही साबित करने का option आपके पास तभी है, जब आप ज़िंदा रहकर मुश्किलों का सामना करेंगी। एक बात और कहूंगा, आप उनके लिए मौत को गले लगाना चाहती हैं, जो आपको समझ ही नहीं रहे, या शायद समझना नहीं चाहते!!!! जरा सोचिये और ऐसे लोगों के साथ ज्यादा रहिए, जो आपको समझते हों, समझ सकते हों, आपकी भावनाओं की कद्र कर सकते हों।
      ज़िंदा रहना सीखिए, मरने के लिए तो पूरी उम्र पड़ी है।

  22. HRITHIK MALHOTRA says

    Mai khalli baitha tha isliye socha chalo search karte h suicide ke baare me mai apni zindagi se bahut khush huu I am 17 years old boy kisi cheez ki tension nahi . Joo mann me aata hai woo karta huu . My father is a software engineer baap ka khuub paisa udaata huu maze se chal rahi h zindagi . Challenge deta huu mai musibaat huu himmat hai too aaja meri life m ek haath se uthakar fekk duunga . No one can beat me because they can’t see me .😎😎😎😁😁😁😁😁😁

    • Main Zindagi see preshan hun. Bt sucide krna nhi chahti ….kv Dil me aata h bt… Av v isliye search ki ..ki dekhu ki sucide k trike Kya hm…nbt main isliye nhi mrna chahti qki Mera Dil tutta h ya kisi ne dhokha Diya …. Main isliye krna chahti hu qki mujhe itni himmt n h family k againt ja k kuch krne ki… mujhe apna carrier bnana h aur family chahti h Shaadi KR lu…jbki mujhe krni hi nhi mujhe kuch krna h … Bt mujhe to ab pdhne ki hi permission nhi h qki main unki baat nhi man rhi… Mera to wqt v khtm ho RHA h it’s kru kuch smjh nhi aa RHA ….. Kuch nhi… Kash mere sapne mere mmy papa k spne v hote to ask main is sites pe hoti… Mujhe bhut himmt h bhut kuch Sha h Maine … Aur kv haar v nhi skti bt … Agr job n huyi to mere spne main sb khtm ek jhtke me…..

      • Ishika ji, aap apni himmat ko aise bhi banaye rakhe. Suicide kar lena kisi samasya ka samadhan nahi hai. Aap carrer banana chahti hai lekin pariwar permission nahi de raha. Isme bahut jyada dukhi hone jaisa nahi hai. Par aap dukhi hai kyonki aap kisi job ko as a carrer dekh rahi hai.
        Me abhi travel kar raha hu aur ek business seminar attend karke aa raha hu. Waha maine kam se kam 25 aisi mahilaye dekhi jo shadisuda hai aur mahine ka lakho kama rahi hai. Unme se ek mahila to hafte ka 2 लाख kama rahi hai. Inhone ye business shadi ke Baad shuru kiya aur aaj successful business women hai.
        Aapko kya lagta hai in महिलाओं का carrer aaj achcha nahi chal raha hai. Mujhe nahi pata ki kyn ham log job को lekar itne pareshan hai ki suicide karne tak ka sochne lag jate hai.
        Agar aap waqai me apne aap ko sabit karna chahti hai, aur uske liye puri mehnat karne ko taiyyar ho to mujhe hindierablog@gmail.com par contact karo.
        Waise bahut jaldi aapko is business ki puri details hindiera.com par padhne ko bhi milegi.

  23. Sir m apni life se bhtt presan hu mrna chahti hu ab m Quki sir m kisi se bht love krti hu or or muje gher vale psnd ni h
    Sir kya kru m Mere papa bhtt ghtiya insan h

    • Chahne ke liye duniya me aur bhi bahut sari achchi cheeje hai fir marne ke chahat kyn karni. aapne wo gana suna hoga…kabhi kisi ko mukammal jahan nahi milta, kabhi jamin to kabhi aasman nahi milta. ye gana har kisi ki zindagi ki hakikat hai.
      aise marne ke baare me sochna fizul hai, aap ko is tarah frustrate hone ki jaroorat nahi hai. shant dimag se kaam le, aapko koi na koi rasta jaroor najar aa jayega.
      ma-baap ke liye aisa sochna thik nahi hai, jaroor usko pasand n karne ke pichhe unka koi logic hoga. aapko us logic ko galat sabit karna hai. baki agar aap balig ho to aapko apki marzi se shadi karne ka kanuni haq hai. Ma-baap ko vishwas me lekar karengi to jyada achcha rahega.

    • HRITHIK MALHOTRA says

      Mam sabse pehli baat too aap iss baat ko confirm karlo ki woo ladka bhi aap se saccha pyar karta bhi h ya nhi and after this apne parents se aaram se baith kar baat karo apni feelings unko batao unko samjhao agar woo fir bhi maane too ladke ke saath kahi duur bhaag jaayo isse zyada aur kya hoo sakta h 😁😁😁

    • Kishorsinh jadeja says

      Number do main hal krta hu

    • Kishorsinh jadeja says

      Yeh mera number hai WhatsApp pe hii or tumhara naam likho

      7016180546

  24. Kamna raghuwanshi says

    Sir mera sepna h job krne ka pr mere papa allow nhi kr rhe hain Mene hr trikhe se unhe mnane ki kosis kr li pr bo man hi nhi rhe h mAin kya kruin bo man hi nhi rhain h Mene vhar Jane ka socha tha
    Pr bo man hi nhi rhe the bo or kisi job mujhe allow hi nhi kr rhain h to Mene socha ki jhan main pdti huan vhan teaching k liye allow hi nhi kr rhe hain bo mere Bhai or bhen kr liye job k liye allow kiya pr mujhe nhi kr rhain blki mujhe bo Goan pr le Ja rhain vhan to bilkul bhi allow hi nhi kr rhain mera sepna tut rha h bomujhe kisi chiz ki allow hi nhi kr rhain Na hi mere mummy mujhe support kr rhe h mera sath koi nhi de rha Mene hr trikhe se mnane ki kosis kr li pr bo man hi nhi rhain
    Bus mere pass suicide k shivay kuch taste hi nhi bccha h
    Main apna sepna title nhi dekh Sakti ager unhone mujhe allow nhi kiya to age mere sath bhut kuch bura hoga Jo main chati huan bo mujhe kbhi nhi milega ab main kya kruan sir please help me

    • jab aapke bhai aur behan ko job ke liye allow kar rakha hai aur aapko nahi kar rahe hai to jaroor iske pichhe koi na koi karan hoga. wo aapke ma-baap hai, aapka bura to bilkul bhi nahi chahenge. jaroor koi na koi aisa karan hai jo unhe aapko job karne dene ki permission nahi dene de raha. aapko wo karan samajhna hoga. agar aap sirf job ke liye jid karti rahi to samsya ka samadhan nahi milega. Pehle to aap karan samajhne ki koshish kare, fir soche ki us karan ka samadhan kya ho sakt hai? jab samadhan mil jaye to apne mami-papa ke paas jakar puri baat kare. Mujhe puri ummid hai wo aapki baat ko samjhenge aur aapko bhi job karne ki izazat mil jayegi.

  25. Sir mera naam Chandan hai mere pass Punjab national bank ka credit card hai uski limit 15000 hai sir me har mahine Paytem ke throw credit card se 15000 nikal Leta aur har mahine nikal bhi rahe the aese mene 130000 nikal liye mere pass bank se koi phone bhi nhi aaya kal bank se phone aaya aur undone muje 25 tarikh tak paise jemaa kerane ko bola nhi to police karvahi karne ki bola abhi mere pass paise hai nhi mene unse 2 month ka time manga par vo nhi man rahe hai ab me kya karu muje aesa tarika betao Sir jis se muje aasani se mot aa jaye

    • sirf 130000 ke liye aap mot ko gale lagane ka soch rahe ho. mujh par 16 lakh ka karz ho gaya tha aur us waqt mere sabhi rishtedaro ne, dosto ne yaha tak ki mere ma-baap ne bhi mera saath chhod diya. financially help to chhodo kahi se moral support bhi nahi mil raha tha. ha me bhi aise samay me mar jaane ko hi sabse asaan vikalp manta tha. kamjor ho jaata to shayad mar bhi jaata. lekin kamjor nahi padaa tabhi aaj aapke sawalo ke jawab de pa raha hu. karz abhi bhi hai, jo ki meri financially planning ke sath har saal kam hota ja raha hai. aaj jab pichhe ka sochta hu to apne aap se yahi kehta hu ki agar mar jaata to na to sabkuch patri par aa pata na hi zindagi ka itna bada sabak sikh pata.

      agar bank wale police karyawahi kar bhi rahe hai to aisa nahi hai ki police aayegi aur aapko pakad kar le jayegi. police aapko pooch-tach ke liye bulati hai to jayiye unke paas, rakhiye apna paksh. batayiye apni pareshaniyo ke baare me. convince kijiye unko ki bank ka paisa chukana hi aapki pehli priority hai. bank se bhi baat kariye ki saare paise ek sath nahi de sakta, thode thode karke chukaunga. kuch paiso ka arrangement karke jayiye unke paas. aage aapko hi badhna padega,prayas aapko hi karne honge. kisi aur ke bharose kuch nahi hone wala.

      • Thank you so much sir agar aapne muje himat nhi di hoti to shyad me apni mot ko gale legaa hota Aaj mene meri mother in law se is matter par baat ki unhone meri baat ko suna aur muje rs 1 lakh de diye unhone muje tension nhi lene ko keha Sir agar aap mera hosla nhi bedate to shyad me kabhi unse is matter par baat nhi karta aur shyad koi galat kadam uta leta aap Sir vastav me Bhagwan ho thank very much Sir thank you Sir muje aapke number chahiye me ek baar aapse baat jerur Karna chahta hu sir plz Sir

        • mujhe ye jaankar bahut khushi ho rahi hai. aaj dophar se hi me kisi uljhan me tha lekin aapka ye comment dekhkar uljhan ko bhoolkar dil bag-bag ho gaya. bahut achcha laga, sachmuch me apni khushi bayan bhi nahi kar sakta. lekin bhai me bhagwan nahi, us darze ke layak bhi nahi. ek achcha insan ban gaya to wo bhi badi uplabdhi hogi. aap mujhse hindierablog@gmail.com par contact kar sakte hai.

          • Ashish Tripathi says

            भटके हुए को रास्ता दिखाना बहुत पुण्य का काम है । मैं आपके blog को बहुत ध्यान से पढता हूँ आपने अनेकों भटके हुए लोगों को सही रास्ता दिखाया है जो की अत्यंत सराहनीय है ।हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि आपको अपने जीवन में सब कुछ मिले हर ख़ुशी मिले और आप हमेशा स्वस्थ रहें ।

          • Thank you आशीष जी, बस ऐसे ही आप ब्लॉग पढ़ते रहे और मेरे लिए प्रार्थना करते रहे. आप लोगों की दुआओं से ही मेरा जीवन आगे बढ़ता है

      • Hello sir,
        I need ur help to improve my hacked life.
        Mera naam Brijesh hai, mere pita mujhe marwana chahte hain unhone mujhe khatm karne ke liye kisi ko paise bhi diye. Maine ab ghar chhod diya hai. Main job search karta hu but koi response nahi aa rha mujhe 5 mahine ho chuke hain face karte huye . ab main apni himmat khota jaa rha hu. Mujhe guide kariye plz.

        • Brijesh ji, aap keh rahe hai ki aap ke pitaji aapko marwana chahte hai, unhone kisi ko iske liye paise de rakhe hai. mere liye to is baat par vishwas karna bhi mushkil ho raha hai. isse to aapko jaan ka khatra hai, aapko to police ke paas jakar madad mangni chahiye.
          Jaha tak naukri ka sawal hai to brijesh ji ye aaj ke samay ki bahut badi samasya hai. Sarkari sector ho ya private, job vacancies ki har jagah bahut kami hai. is waqt ya to aap koi bhi chota-mota kam (jo bhi pehle mil jaye) start kar sakte hain. iske alawa agar aapka network achcha hai, to aap netwrok business start kar sakte hai, jo ki bahut kam paiso (5000/-) se bhi start kiya ja sakta hai.

  26. Sir mene ek insaan ko 10% beyaj par rs. 6 lakh kisi se dilwae uski gaurntee mene li aur mera cheque diya ek sal tak vo Time se beaj deta reha fir uski deth ho gayi ab vo insaan muje pareshan kar reha hai mene rs. 1.5 lakh ka personal Loan lekar usko de diye fir bhi vo muje pareshan kar reha hai mere jine ke sare raaste band ho gaye na me loan ki kist time par de pa reha hu ab me kya karu mot ko gale kese legau bar bar mere baceee ka cherhra samne aata hai uska Kya hoga plz muje bettaye me kya kary

    • Dev Ji, Pehli baat, jine ke sare raste band ho gaye hai, aisa kehna chhod dijiye. Raste sab yahi hai, bas unhe search karna padega. aapne jo cheque de rakha hai, bank me jaakar uska stop payment karwa dijiye. to agar cheque lagega bhi to usse koi payment nahi hoga, na wo bounce hoga. jis vyakti se aapne karz dilwaya hai, usko samjhane ki koshish kijiye ki karz aapne nahi liya aur jisne liya hai wo ab is duniya me nahi hai. aap usko samjhaye ki aap uska karz chuka sakte hain lekin apni haisiyat anusar hi aisa kar payenge. pareshan karne par agar maine koi galat kadam uttha liya to tere paise kabhi wapas aane wale nahi hai. aap marne wale ke pariwar se bhi apni pareshani share kar sakte hain, shayad waha se koi rasta nikal jaye. apne aap par vishwas rakhe aur khud ko mazboot banaye. aap yaha rehkar hi samasyao ko hal kar payenge.

      Me bhi apni bachchi ka chehra dekhkar abhi tak zinda hu, aur jo aap ko bataya hai waisa karke hi me logo ke paise chuka raha hu. jabardasti koi kuch nahi kar sakta, bas aap mazboot bane rahiye.

      • Sir ye baat me us se kar chuka hu par vo man ne ko teyar nhi hai sir me puri terah Se fas Chuka hu muje kuch samj nhi aa Reha hai kya karu

        • Dev ji, kamjor bankar to aap kabhi kisi samasya ka samadhan nahi kar sakte. aap ko mazboot bankar samasya ke bajay samadhan par focus karna padega, tabhi koi solution talash kar payenge. doosra koi bhi aapko kuch bhi salah de sakta hai, lekin faisla aapko hi lena hoga kyonki aapki situation ke baare me sirf aap achchi tarah se jaante hai. me aapko salah de sakta hu ki aap us aadmi ko mana hi kar dijiye ki nahi deta paise, ja kar le jo karna hai. par ye kitna possible hai, aap hi behtar jaante hai.
          kuch cheejo ko lekar dimag me bilkul clear ho jayiye. kya koi hai jo in halato me aapki madad kar sakta hai? nahi hai to aapke paas kya kya option hai, us aadmi ke paise lotane ke? aur agar koi option hi nahi hai to mana karne ke alawa aapke paas koi upay nahi reh jata.
          Dev ji, aksar samasya utni badi nahi hoti, jitna soch soch ke ham use bana dete hai. samsya ka kahi koi chota-mota sa hal hamare paas hi mozood hota hai, par solution ke bajay samasya par dhyan kendrit karne ke karan ham use dekh nahi paate. isliye thande dimad se sochiye, samsya ka hal aap apni hi kabiliyat ka istemal karke nikaal lenge. hame aap par poora vishwas hai.

  27. m b suicide krna chahta hun…bt mai mere mmi daddy bhai behan k bre m soch kr abhi tk ye step nhi le pa rha. mere dil me bhut drd h…na nind aati h…hr pal uski yaad stati rhti h…bt ab usko meri ki fikr nhi h…mujhe to meri gltiyn b nhi pta…bhgwan sja de rha h kasoor to kiya hoga…bt inna drd shn nhi ho rha…mmi sochte hain kaam ki vjh se tnsn m h…bhut dukh hota h ye sb sunke…m bhul hi nhi pa rha 1 saal hone ko h ldayi ko bt jeeya hi nhi ja rha…

    • Vikas Ji, log isse bhi bure halaato se baahar aa jate hai. kehte hain waqt sabse bada marham hota hai. Thoda samay beet jaane dijiye, aap bhi is baat ko manne lagenge. aise samay me sanyam aur dheyra se kaam lena bahut jaroori hai. 2-3 saal baad jab aap inhi baato ko yaad karenge to apne aap se kahenge ki us samay maine bhi kuch gairjaroori chijo par jyada hi dhyan laga diya. apne man-pasand kaam kijiye, dhire dhire sabkuch patri par aane lagega.

  28. sir me bhi esi halato se gujar raha hu. meri suicide ka kran meri padai ,gaav walo ka mujhpar hasna ,girlfreind ko dhoka dekar paschtap karna hai

    • Atmhatya se paschatap nahi hoga. Ye to paristhiti se bhagna ho jayega. apni galtiyo se Sikh kar aage badhe. Kuch samay baad sabkuch thik mehsoos hone lagega.

  29. Me v yahi stithi se guzar raha hu . Bahut hi jyada paresan hu.ek ek din katna muskil ho raha hai

    • त्रिलोक जी सभी की ज़िन्दगी में इस तरह का समय कभी न कभी आता है. ऐसे समय में बहुत ही समझदारी से कदम उठाने की जरूरत होती है. अगर मैंने अपने बुरे समय पर suicide जैसा कदम उठा लिया होता तो आज मैं आपके comment पर कोई जवाब नहीं दे रहा होता बल्कि ऊपर बैठा सोच रहा होता कि देखो त्रिलोक भाई भी अपने जैसे ही परेशान हाल है. लेकिन थोडा इंतज़ार किया, कुछ कष्ट सहे और फिर धीरे धीरे सभी कुछ फिर से पटरी पर आने लगा. आज मैं एक खुशहाल और अच्छी ज़िन्दगी बिता रहा हूँ.

  30. Prashant Rajawat says

    The same is happening with me….i m facing money problem…i m a student of bsc 3 year..my friends left me…i have no dare to share my situation with my family…i wanna die..i will die…
    I don’t know what to do…i borrowed money with my friends for my education.I promised that I will return it back soon…but I’m not able…they are forcing me …. I really need money around 15000₹ ..plz help me.

  31. bahut hi acchi article he kis tarah se aapko dhanabad du. Or article post kijye sir i am waiting your article

    • धन्यावाद राज कुमार जी . बस ऐसे ही आप hindiera.com पढ़ते रहें और अपने comments देते रहें .

  32. surendra panwar says

    क्या आपने कभी महसूस किया कि जब भी हमें जोश या गुस्सा आता है तो सांस तेज हो जाती हैं और हम जब भी निराश या दुखी होते हैं तो सांस थम सी जाती हैं। एक बार जब सांस धीरे होने लगती हैं तो मस्तिष्क में ताजा आक्सीजन की कमी होने लगती हैं और मस्तिष्क की इसी घुटन से नकारात्मक विचारों का सृजन होना चालू हो जाता है।यहां पर यह सबक लेना चाहिए कि जब भी आपको नकारात्मक विचार आए आप पदभृमण में निकल जाइए जिससे आपकी सांसें तेज हो जाएगी और मस्तिष्क स्वच्छ वायु से खिल जायेगा और सकारात्मक विचारों की उत्पत्ति होने लगेगी।
    मस्तिष्क पर सांसो के जरिए नियंत्रण की कला योग है। योगा करें और औरो को भी कराये , स्वस्थ रहे।
    सुरेन्द्र पंवार

  33. पंवार साहब, बहुत अच्छी जानकारी share की आपने, धन्यवाद्…

  34. NIRANJAN JAIN says

    आदिलजी आपकी पोस्ट से में पूरी तरह से सहमत हूँ सबकी जिंदगी में ऐसे क्षण आते हैं पर सफल इंसान वाही है जो इन सब से मुकाबला करके आगे बढे

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