नौकरी……मतलब Self Respect से समझौता

self respect per mirza galib ki kahani: मिर्जा ग़ालिब की कहानी : ये सन 1842 की बात है। Delhi College में फ़ारसी के प्रोफेसर का एक पद खाली था। College का secretary ग़ालिब को जानता था, उसने ग़ालिब को प्रोफेसर की नौकरी करने के लिए तैयार किया। ग़ालिब को उस समय पैसों कि जरूरत थी इसलिए किसी तरह वो ये […]