26 January India Republic Day: कुछ खास जानकारी

26 January India Republic Day:

26 January India Republic Day

 26 जनवरी भारतीय गणतंत्र दिवस:

हमारा सविंधान दुनिया के सबसे बेहतरीन सविधानों में से एक है। हमारा संविधान हमें न सिर्फ जीने का बल्कि गरिमापूर्ण ढंग से जीने का अधिकार देता है। हमारे सविंधान में देश की कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए जरूरी प्रावधान तो है ही, साथ ही यह देश के प्रत्येक नागरिक को उसके कर्तव्य से भी अवगत कराता है। सविंधान में ‘मूल कर्तव्य’ शीर्षक से ये भाग 42वें संशोधन अधिनियम, 1975 के द्वारा जोड़ा गया था।

इसके अनुसार भारत के प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य होगा कि वह –

  • सविंधान के पालन करे और उसके आदर्शों, संस्थानों, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे।
  • स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शों को हृदय में संजोए रखे और उनका पालन करें।
  • भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करे और उसे अक्षुण्ण रखे।
  • देश की रक्षा करे और आह्वान किये जाने पर राष्ट्र की सेवा करे।
  • भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करे।
  • हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझे और उसका परिरक्षण करे।
  • प्राकृतिक पर्यावरण की, जिसके अन्तर्गत वन, झील, नदी और वन्य जीव हैं, रक्षा करे और उसका संवर्धन करे तथा प्राणिमात्र के प्रति दयाभाव रखे।
  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानववाद और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करे।
  • सार्वजानिक संपत्ति को सुरक्षित रखे और हिंसा से दूर रहे।
  • व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का प्रयास करे, जिससे राष्ट्र निरंतर बढ़ते हुए, प्रयत्न और उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू लें।
  • माता-पिता अथवा अभिभावक अपने 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करे।

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26 January – Republic Day– कुछ खास जानकारियाँ गणतंत्र दिवस के बारे में 

जब हम अधिकारों की बात करते हैं तो हमें अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी उसी शिद्दत के साथ करना चाहिए। इसलिए महात्मा गाँधी ने कहा था, “अधिकार का स्रोत कर्तव्य है। यदि हम सब अपने कर्तव्यों का पालन करे तो अधिकारों को खोजने हमें दूर नहीं जाना पड़ेगा। यदि अपने कर्तव्यों को पूरा किए बगैर हम अधिकारों के पीछे भागेंगे तो वे छलावे की तरह हमसे दूर रहेंगे। जितना हम उनका पीछा करेंगे, वे उतनी ही और दूर उड़ते जाएंगे।”

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हमारा सविंधान देश के लिए अधिक से अधिक उपयोगी साबित हो इसके लिए डॉ राजेंद्र प्रसाद ने कहा था, “यदि निर्वाचित प्रतिनिधि योग्य, चरित्रवान और निष्ठावान होंगे तो वे दोषपूर्ण संविधान का भी सर्वश्रेष्ठ उपयोग कर सकेंगे। यदि उनमे ही कमी हुई तो संविधान किसी भी देश के लिए मददगार नहीं बन सकता। आख़िरकार संविधान तो मशीन की तरह निर्जीव है, इसमें प्राण तो वह व्यक्ति डालता है जो यंत्र को नियंत्रित करता और चलाता है।”

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सभी देश वासियों को हमारे राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

26 January India Republic Day

उम्मीद है हमारे संविधान में बताए गए भारतीयों नागरिकों के मूल कर्तव्यों को बताता ये लेख आपको पसंद आया होगा। 26 January India Republic Day पर ये जानकारी भास्कर में प्रकाशित कुछ आलेखों से ली गई है। अगर आप 26 January India Republic Day के बारे में कोई और जानकारी share करना चाहें या अपना कोई व्यू देना चाहें तो comment section के जरिये हमें जरूर इससे अवगत करायें। हमारी मदद करने के लिए इसे Google+, facebook, twitter और दूसरे social platform पर अपने मित्रों के साथ share जरूर करें।

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Comments

  1. बहुत ही अच्छा article है। …. Thanks for sharing this!! 🙂

  2. आदिल साहब आपने गणतन्त्रा दिवस पर बहुत अच्छी जानकारी प्रेषित की है। राजेन्द्र प्रसाद जी का यह कथन अक्षरतः सत्य है कि जिस देश के प्रतिनिधि योग्य एवं चरित्रावान होंगे वहां कैसे भी संविधान हो अच्छा कार्य करेगा।

  3. बहुत बढिया लेख । आपने एक जगह महात्मा गांधी जी के विचार का उल्लेख किया है”अधिकार का स्रोत कर्तव्य है ।” इस एक वाक्य में पुरा सार है । अधिकार तो कर्तव्यों का निर्वाह करके ही पाया जा सकता है । धन्यवाद हमें हमारे कर्तव्यों से अवगत कराने के लिए ।

    • देश में हर व्यक्ति अपने अधिकारों के नाम पर लड़ने मरने को तैयार है| लेकिन उनसे जब कर्तव्यों के बारे में पूछा जाए तो अपनी बगले झाँकने लगते हैं| अधिकारों के लिए लड़ने में कोई बुराई नहीं बशर्ते आप अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी उसी शिद्दत से करे| thanks for your comments, please keep reading and commenting.

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