Stress free life जीना चाहते हैं आप!

Stress Free Life:

क्या आप भी जीना चाहते हैं stress free life तो पढ़िए ये article:

आज हम सभी stress free life जीना चाहते हैं। लेकिन हम इसके लिए जितनी ज्यादा कोशिश करते रहते हैं, stress free life जीना उतना ही अधिक मुश्किल होता जाता है। आप भी जरूर सोचते होंगे कि

क्या stress को हमारी life से पूरी तरह से नहीं समाप्त किया जा सकता है?

क्यों नहीं हम stress के बिना अपना जीवन जी सकते हैं?

क्या stress को पूरी तरह से समाप्त करके हम एक successful life और अपनी मनचाही life नहीं जी सकते हैं?

चलिए एक experiment करते हैं। थोड़ी देर के लिए अपनी life से सभी तरह के stress को समाप्त मान लेते हैं। अरे भाई मुझे पता है stress समाप्त हुए नहीं है। मैं तो कह रहा हूँ मान लीजिए आपके जीवन से सभी प्रकार के stress समाप्त हो गए हैं। गणित के सवाल हल करते हुए भी बहुत बार हमें कुछ मानना पड़ता है, तभी सवालों के हल निकल पाते हैं न, बस वैसे ही यहाँ भी अभी मान लेते हैं कि हम एक stress free life जी रहे हैं।

stress free life जीने का मतलब है, इस वक़्त आपके ऊपर किसी भी तरह की कोई ज़िम्मेदारी नहीं है। ना तो माँ-बाप की ज़िम्मेदारी, ना बीवी-बच्चों की ज़िम्मेदारी, ना भाई-बहनों की कोई ज़िम्मेदारी, ना तो नौकरी की, ना अपने business की कोई ज़िम्मेदारी और ना ही कोई और ज़िम्मेदारी।

आज आपको किसी के लिए कोई दवा नहीं लानी, ना बिजली का बिल जमा कराना है, ना mobile को recharge कराना है। ना तो बच्चो की school की फीस जमा करानी है, ना घर के लिए सब्जी खरीदनी है, ना किसी का उधार चुकाना है, ना बॉस की गालियाँ सुननी हैं, ना अपनी job से related कोई और tension है। अगर आप business करते हैं, तो वो बहुत बढ़िया चल रहा है, वहां भी कोई tension वाली बात नहीं है। student हैं तो पढाई-लिखाई की कोई tension नहीं है। ये सिर्फ कुछ उदाहरण हैं, इसके अलावा वाली भी आज हमें कोई tension नहीं है।

आप बच्चे हैं, जवान है या बुजुर्ग हैं। आप महिला हैं या पुरुष हैं। आप जो कोई भी हैं, किसी भी तरह के हालात से गुजर रहे हैं, पर अभी इस पल के लिए आप पूरी तरह से stress free हैं। आप एक stress free life जी रहे हैं।

अब कुछ लोग कह सकते हैं कि ये तो हिमालय पर जाकर साधू-संत बनने जैसी बात हो गई कि कोई ज़िम्मेदारी नहीं, कोई मोह नहीं और कोई tension नहीं। लेकिन भाई हिमालय जाकर साधू-संत बनने वालों के पास भी stress है, उन्हें ईश्वर को जो हासिल करना है। पर अभी हमारे दिल मे तो किसी भी प्रकार का कोई stress नहीं है, हम तो completely stress free life जी रहे हैं। हमारे जीवन में अभी कोई मजबूरी नहीं, कोई चिंता नहीं, कोई stress नहीं।

अब एक paper पर आप अपना वो goal लिख लीजिये, जिसे हासिल करके आपको सबसे ज्यादा दिली ख़ुशी हासिल होगी। यहाँ मैं ऐसे goals की बात नहीं कर रहा जो आपने लोगों को दिखाने के लिए या किसी दूसरे से होड़ लगाने के लिए रखे हों, क्योंकि ऐसे goals हासिल हो जाने पर भी आपको दिल की ख़ुशी नहीं देंगे।

अब सोचिए इस goal को हासिल करने के लिए आप को क्या क्या करना होगा। इसके बारे में सोचते समय आप अपनी किसी मजबूरी, stress या tension को बीच में ना लायें क्योंकि आप अभी भी completely stress free life जी रहे हैं। जब आप अपने goal को हासिल करने के लिए पूरा खाका तैयार कर लेगे, तो वहां बहुत सारी चीजें होंगी, like आपके पास क्या है, क्या नहीं है, कौनसी चीज कहाँ से arrange की जा सकती है, goal achieve करने के लिए कौनसी skills की जरूरत होगी, वो हमारे पास है या नहीं वगैरह वगैरह।

सब कुछ paper पर तैयार हो जाने के बाद अब सोचिए कि आप को अपना काम शुरू करने के लिए किस चीज की सबसे ज्यादा जरूरत होगी? ध्यान रहे! अभी भी आप पर कोई stress या tension का असर नहीं है। आप बिलकुल stress free होकर इस बात को सोच रहे हैं।

MOTIVATION !

हाँ वो motivation है, जिसकी जरूरत कोई भी काम शुरू करने से पहले पड़ती है। पर क्या आप जानते हैं ? ये motivation आता कहाँ से है ? इतनी देर से stress free life जी रहे हैं, अब थोडा सा stress भी ले लीजिये और सोचिए कोई भी काम करने के लिए हमें motivation मिलता कहाँ से है ?

STRESS से !

जी हाँ बिलकुल सही पढ़ रहे हैं आप, stress से ही हमें motivation मिलता है। सोचिए आप किसी पल कोई काम करने का मन बनाते हैं और दूसरे ही पल कह देते हैं, छोड़ ना यार कौन करे! मतलब जब आपने stress को छोड़ दिया तो काम करने का motivation भी खत्म हो गया।

आप भी सोच रहे होंगे, इतनी देर से ये stress free life की बात कर रहा था और अब कह रहा है कि कोई भी काम करने के लिए हमें stress की जरूरत पड़ती है। यहाँ हमें stress management को समझना होगा। हमें समझना होगा stress हमेशा नुकसान ही नहीं करता है। हमें positive stress और negative stress के भेद को जानना पड़ेगा या यूँ कहे good stress और bad stress को अलग अलग करना सीखना होगा।

POSITIVE STRESS 

Positive stress वो stress है, जिसका हमारे जीवन में होना बहुत जरूरी है। positive stress के होने से ही हमें काम का motivation मिलता है। लेकिन इसका level आपके जीवन में उतना ही होना चाहिए जितना आपको motivation के लिए चाहिए, इसे इतना न बढ़ा लें कि ये आपको depression की ओर लेकर चला जाए। जैसे कि मान लीजिये आप अपनी class में first position पर आना चाहते हैं, ये एक positive stress है. लेकिन इसके लिए आप अपने ऊपर इतना दबाव न बढ़ा लें कि दिनभर किताबों में ही लगे हुए हैं, दिमाग को relax करने का समय ही नहीं दे रहे, लोगों से मिल-जुल नहीं रहे, खेल-कूद नहीं रहें। क्योंकि ऐसा करके आप अपने आप को depression की और धकेल देंगे। और आपका positive stress पूरी तरह से negative stress में बदल जायेगा।

NEGATIVE STRESS

इसकी एक सीधी सी परिभाषा है, जो positive stress नहीं है वो सब negative stress है। Negative stress की लिस्ट बहुत लम्बी-चौड़ी है और हम लोग इसी stress से सबसे ज्यादा ग्रसित हैं। लोगों को depression के अंधकार में धकलने के पीछे negative stress का ही सबसे बड़ा हाथ है।

life में stress से बचना तो नामुमकिन है लेकिन यदि हम stress management सीख लें तो अपने आपको depression में जाने से बहुत आराम से बचा सकते हैं। stress management के लिए आपको internet पर ढेरों article और books मिल जायेंगी, जिन्हें आप पढ़कर stress management सीख सकते हैं और depression में जाने से बच सकते हैं।

लेकिन यदि आप ईमानदारी से अपनी विवेचना और आलोचना कर सकते हैं, अपना विश्लेषण कर सकते हैं तो एक paper पर अपने positive stress, negative stress और ऐसे सभी stress जो अब positive से negative बन चुके हैं, उन्हें लिख लीजिये। और अब ईमानदारी से जानने की कोशिश कीजिए कि आपके जीवन में negative stress कहां से आए ? क्यों आपके positive stress negative stress में convert हो गए। आपको बहुत सारे सवालों के ज़वाब खुद-ब-खुद मिल जायेंगे।

Negative stress से बचने के लिए stress management सीखिए, योग कीजिए, अच्छी books पढ़िए, अच्छे दोस्तों के साथ समय बिताइए, खुश रहने की कोशिश कीजिए, meditation कीजिए।

Meditation

Meditation करने का मैं आज आपको सबसे आसान तरीका बताता हूँ। वैसे meditation का जो तरीका है, उसमे हमसे लम्बी और गहरी सांसे लेने को कहा जाता है, फिर विचारों पर नियंत्रण के लिए कहा जाता है, विचारों को आने-जाने दो, उनसे कोई सरोकार मत रखो, फिर अपनी energy को आखों के बीच concentrate करो, वहीँ ध्यान लगाओ आदि आदि। यदि आप इस तरह से meditation कर सकते हैं तो वो सबसे best है। लेकिन आप नहीं कर सकते तो मैं जो तरीका बताने जा रहा हूँ, उसे अपनाइए ये बिलकुल आसान है।

meditation का ये तरीका मुझे विवेकानंद जी के बारे में एक article पढ़ते हुए मिला था। meditation की ये तकनीक बहुत ही आसान और best है। विवेकानंद जी ने कहा था ऐसा कोई भी काम जो आपको बहुत पसंद हो, जिसे करने में आपको बहुत मज़ा आता हो, जिसे करते हुए आप दीन-दुनिया के बारे में भूल जाते हों, वैसे काम को करना भी एक तरह का meditation है। क्योंकि आप पूरी तरह से उस काम में तल्लीन है, आपके दिमाग में उस काम के अलावा और कोई विचार नहीं है, आपने अपनी पूरी energy वहीँ लगा रखी है, आपका ध्यान पूरी तरह से अपने काम में केन्द्रित है, आखिरकार यही तो हम meditation में भी करते हैं।

इस तरह के meditation को करने का एक example तो मेरे घर में मौजूद है। मेरी बड़ी बेटी को painting और crafts को बहुत शौक है और जब वो ये काम लेकर बैठ जाती है तो न तो उसे खाने-पीने का होश रहता है, ना ही किसी दूसरी चीज का। उसे कितना भी डांट लो, उसे कुछ फर्क नहीं पड़ता, कुछ response ही नहीं करती जब तक कि अपना काम ख़त्म ना कर ले।

अपनी life से stress को पूरी तरह से खत्म करने के बारे में सोचना छोड़ दीजिये, पूरी तरह से stress free life जीने के बारे में मत सोचिए क्योंकि हमें life में आगे बढ़ना है, successful होना है तो stress लेना ही पड़ेगा। पर आज से एक काम कीजिए stress management पर ध्यान देना शुरू कीजिए। negative stress को कम करते जाइये और positive stress पर अपना ध्यान बढ़ाते जाइये।

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 Keywords – Stress free life, positive stress, negative stress, depression, stress management, meditation, stress, tension, motivation
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Comments

  1. हर्ष वर्धन जोग says:

    विचारों पर नियंत्रण नहीं हो पाता इसलिए विचारों को समझ कर उनके मूल में जाना होगा. उस मूल को समझ कर त्यागना होगा.
    गौतम बुद्ध की पद्धति ‘विपासना’ मेडीटेशन या ध्यान बहुत प्रभावी है. समय निकाल कर पढें या विपासना सेंटर में दस दिन का कैम्प अटैंड कर लें. विश्व में सौ से ज्यादा सेंटर हैं बुक करा लें. आसान नहीं है पर फ़ायदेमंद है.

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